एनडीपीएस एक्ट में आरोपी बरी, अदालत में नहीं टिक पाई पुलिस की कहानी
Acquitted under the NDPS Act
चंडीगढ़, 31 जनवरी: Acquitted under the NDPS Act: थाना सेक्टर-11 पुलिस द्वारा दर्ज किए गए एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में अदालत ने आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। 57 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़े जाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दीपक को जिला अदालत की विशेष एनडीपीएस कोर्ट की जज हरप्रीत कौर ने दोषमुक्त कर दिया।
अदालत में सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि पुलिस की ओर से पेश की गई पूरी कहानी तथ्यों और सबूतों के आधार पर साबित नहीं हो सकी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी दीपक को पुलिस ने पहले ही हिरासत में ले लिया था और बाद में झूठा दिखाया गया कि उसे सेक्टर-24/15 की डिवाइडिंग रोड से एसआई अजमेर सिंह और अनूप ने पकड़ा।
बचाव पक्ष ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड के माध्यम से यह साबित किया कि जब दीपक की गिरफ्तारी दिखाई गई, उससे पहले ही उसके परिजन थाना सेक्टर-11 में मौजूद थे। अदालत में यह सवाल उठाया गया कि यदि आरोपी को उस समय गिरफ्तार ही नहीं किया गया था, तो उसके परिजन पहले से थाने में कैसे मौजूद थे। क्या उन्हें पहले से ही गिरफ्तारी की जानकारी थी?
इसके अलावा, पुलिस मामले में एक भी स्वतंत्र गवाह पेश नहीं कर सकी। बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि आरोपी की कथित गिरफ्तारी स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मांग की गई थी। तत्कालीन एसएचओ ने अपनी केस डायरी में यह दर्ज किया था कि सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन आज तक वह फुटेज अदालत के समक्ष पेश नहीं की गई।
अदालत ने आरोपी को बरी किया ।